Cyclone Mocha Get To Know About This Trophical Cyclone Forecast Bengal Odisha IMD All You Need To Know


Cyclone Mocha News: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (2 मई) को कहा कि छह मई के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवात बनने और इसके परिणामस्वरूप अगले 48 घंटों में कम वायु दाब का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है.
अमेरिकी मौसम पूर्वानुमान प्रणाली ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS) और यूरोपीय सेंटर फॉर मेडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) की ओर से बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवात बनने का पूर्वानुमान जताए जाने की रिपोर्ट के बाद आईएमडी का यह बयान आया है.
IMD के महानिदेशक ने ये कहा
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा, ‘‘कुछ प्रणालियों ने इसके एक चक्रवात होने का पूर्वानुमान जताया है. हम नजर रख रहे हैं. नियमित रूप से अपडेट उपलब्ध कराया जाएगा.’’ मौसम का पूर्वानुमान करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर ने कहा, ‘‘मई 2023 के पहले पखवाड़े में कोई चक्रवाती तूफान आने की संभावना बहुत कम है.’’ बता दें कि अप्रैल में हिंद महासागर में कोई चक्रवाती तूफान विकसित नहीं हुआ. इस तरह यह लगातार चौथा साल है जब पिछले महीने चक्रवाती तूफान नहीं आया.
‘मोचा’ नाम की चर्चा क्यों?
अगर आधिकारिक तौर पर पु्ष्टि की जाती है तो विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) के सदस्य देशों की ओर से अपनाई जाने वाली नामकरण प्रणाली के तहत चक्रवात का नाम ‘मोचा’ (Mocha) होगा. यमन ने उसके लाल सागर तट पर एक बंदरगाह शहर ‘मोचा’ के नाम पर इस चक्रवात का नाम सुझाया था.
ओडिशा के CM ने की हाई लेवल मीटिंग
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार (2 मई) को एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर चक्रवात से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा. पटनायक ने दो मई, 2019 को ओडिशा में आए चक्रवात फणी का जिक्र करते हुए कहा कि गर्मियों में चक्रवातों के संभावित मार्ग का निर्धारण मुश्किल होता है. उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि आवश्यक हुआ हो तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें और चक्रवात के बाद के राहत कार्यों की योजना तैयार रखें.
पटनायक ने मुख्य सचिव पीके जेना को नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा करने और विशेष राहत आयुक्त सत्यव्रत साहू को सभी विभागों और जिलों के साथ समन्वय के साथ काम करने को कहा. 
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने ये कहा
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के एक अधिकारी ने कहा कि आईएमडी ने अभी तक चक्रवात को लेकर कोई भविष्यवाणी नहीं की है. उन्होंने कहा कि कम दबाव वाले क्षेत्र को चक्रवात बनने से पहले गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदलना होगा. 
अधिकारियों ने दी तैयारियों की जानकारी
जेना ने कहा कि अगर राज्य में कोई चक्रवात आता है तो राज्य सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि कोई भी मौत नहीं हो. उन्होंने कहा, ”इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है. चक्रवात आश्रय स्थल तैयार हैं और स्कूल भवनों सहित सुरक्षित स्थानों की पहचान कर ली गई है.”
वहीं, साहू ने कहा कि सभी जिलों में 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष पहले ही शुरू कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा, ”18 तटीय और आसपास के जिलों के जिलाधिकारियों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है.” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की कुल 17 टीमों और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 20 टीमों को तैयार रखा गया है.
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