Bihar: बिहार के श्रम मंत्री बोले- यह जातीय जनगणना नहीं जातीय गणना, जम्मू-कश्मीर के हालात पर कही यह बात


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बिहार के श्रम मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि यह जातीय जनगणना नहीं, जातीय गणना है। बिहार के सभी राजनीतिक दलों ने इस पर मुहर लगाई है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अपने खर्च पर इस तरह की गणना करने की अनुमति दी है। इसे कराने के लिए पैसा लगेगा इसलिए 500 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग पर कहा कि यह दुखद है। मैं मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हमारे अधिकारी जम्मू-कश्मीर सरकार के लगातार संपर्क में हैं। शव फिलहाल वर्तमान में पोस्टमॉर्टम के लिए जम्मू-कश्मीर के एक अस्पताल में है। इसे बिहार हवाई अड्डे पर आने के बाद हमारे विभाग द्वारा उनके आवास पर ले जाया जाएगा।बिहार के मंत्री ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि दोषी संगठन या समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।शहीद के परिवार को मुआवजे का एलानइस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बडगाम में हुए आतंकी हमले में बिहार के दिलखुश कुमार की हत्या दुखद है। उनके निकटतम आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से नियमानुसार अन्य लाभ दिए जाएंगे। रूस में छात्र की मौत पर जताया दुखरूस में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे गया जिले के खिजरसराय प्रखण्ड के लोदी गांव के निवासी सोनू कुमार की आकस्मिक मृत्यु भी दुखद है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली को निर्देश दिया गया है कि वे विदेश मंत्रालय एवं भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर सोनू कुमार के शव को हवाई जहाज से भारत लाकर उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। राज्य सरकार अपने हर नागरिक की सहायता एवं सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।तेजस्वी ने भी कही यह बातबिहार के लिए जाति आधारित सर्वे को मिली मंजूरी पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह लालू यादव और बिहार के लोगों की जीत है। हम शुरू से ही यही चाहते थे, हम सभी इसे अंतिम चरण में ले आए हैं। सभी राजनीतिक दल हमारे रास्ते से सहमत थे। हम उनका धन्यवाद करते हैं। यह ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि गरीबों, दबे-कुचले लोगों को लाइन के अंत से मुख्यधारा में लाने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण था। अब आपके पास वैज्ञानिक आंकड़े होंगे और उसके आधार पर आप तय कर सकते हैं कि छूटे हुए लोग कौन हैं और किस जाति के लिए क्या करना है?

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बिहार के श्रम मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि यह जातीय जनगणना नहीं, जातीय गणना है। बिहार के सभी राजनीतिक दलों ने इस पर मुहर लगाई है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अपने खर्च पर इस तरह की गणना करने की अनुमति दी है। इसे कराने के लिए पैसा लगेगा इसलिए 500 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। 

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग पर कहा कि यह दुखद है। मैं मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। हमारे अधिकारी जम्मू-कश्मीर सरकार के लगातार संपर्क में हैं। शव फिलहाल वर्तमान में पोस्टमॉर्टम के लिए जम्मू-कश्मीर के एक अस्पताल में है। इसे बिहार हवाई अड्डे पर आने के बाद हमारे विभाग द्वारा उनके आवास पर ले जाया जाएगा।

बिहार के मंत्री ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बात की। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि दोषी संगठन या समूह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहीद के परिवार को मुआवजे का एलान

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बडगाम में हुए आतंकी हमले में बिहार के दिलखुश कुमार की हत्या दुखद है। उनके निकटतम आश्रित को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से नियमानुसार अन्य लाभ दिए जाएंगे। 
रूस में छात्र की मौत पर जताया दुख
रूस में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे गया जिले के खिजरसराय प्रखण्ड के लोदी गांव के निवासी सोनू कुमार की आकस्मिक मृत्यु भी दुखद है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली को निर्देश दिया गया है कि वे विदेश मंत्रालय एवं भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर सोनू कुमार के शव को हवाई जहाज से भारत लाकर उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। राज्य सरकार अपने हर नागरिक की सहायता एवं सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

तेजस्वी ने भी कही यह बात

बिहार के लिए जाति आधारित सर्वे को मिली मंजूरी पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह लालू यादव और बिहार के लोगों की जीत है। हम शुरू से ही यही चाहते थे, हम सभी इसे अंतिम चरण में ले आए हैं। सभी राजनीतिक दल हमारे रास्ते से सहमत थे। हम उनका धन्यवाद करते हैं। यह ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि गरीबों, दबे-कुचले लोगों को लाइन के अंत से मुख्यधारा में लाने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण था। अब आपके पास वैज्ञानिक आंकड़े होंगे और उसके आधार पर आप तय कर सकते हैं कि छूटे हुए लोग कौन हैं और किस जाति के लिए क्या करना है?



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