कुशेश्वरस्थान: जेडीयू के अमन हजारी ने लिया बदला, जिससे हारे थे पंचायत चुनाव, उसे हरा बन गए विधायक


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 03 Nov 2021 12:55 PM IST

सार
बिहार में दरभंगा की चर्चित सीट कुशेश्वरस्थान पर जेडीयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने आरजेडी उम्मीदवार गणेश भारती को 12698 वोट से हरा दिया। यह जीत  उनकी पांच साल की मेहनत का नतीजा है।

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बिहार विधानसभा उपचुनाव का मंगलवार को परिणाम आ गया। दरभंगा की चर्चित सीट कुशेश्वरस्थान फिर एक बार जेडीयू के खाते में चली गई। इस सीट पर जेडीयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने आरजेडी उम्मीदवार गणेश भारती को 12698 वोट से हरा दिया। लेकिन आपको बता दें कि इस जीत के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है।पंचायत चुनाव में हार गए लेकिन विधानसभा उपचुनाव में दी शिकस्तजेडीयू के प्रत्याशी और इस विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले अमन भूषण हजारी केवल मैट्रिक तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत पंचायत चुनाव से की थी। वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में अमन भूषण हजारी ने पंचायत समिति के पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे थे। लेकिन आरजेडी के उम्मीदवार गणेश भारती ने उस समय अमन भूषण हजारी को करारी शिकस्त दे दी थी। लेकिन इस बार अमन भूषण हजारी ने कुशेश्वरस्थान की सीट जीतकर पांच साल पुराना बदला ले लिया। अमन भूषण हजारी सिर्फ मैट्रिक पासचुनाव लड़ने से पहले अमन भूषण हजारी ने जो हलफनामा दिया है उसके अनुसार वे 26 साल के हैं और वे सिर्फ मैट्रिक पास हैं।  वर्ष 2015 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। अमन भूषण हजारी की घोषित संपत्ति की बात करें तो आवासीय मकान, कृषि भूमि के साथ-साथ उनके पास एक स्कॉर्पियो और तीन मोटरसाइकिल है।पिता शशिभूषण हजारी के निधन के बाद उपचुनावइससे पहले अमन हजारी के पिता शशि भूषण हजारी यहां से एमएलए थे। उनके निधन के कारण ही यहां उपचुनाव करवाना पड़ा। पहले अमन भूषण की मां को टिकट देने की बात चल रही थी लेकिन कुछ दिनों बाद उनका भी निधन हो गया जिस कारण अमन भूषण हजारी को जेडीयू ने अपना प्रत्याशी बनाया। कुशेश्वरस्थान विधानसभा में यादव, मुस्लिम, कुर्मी और मुसहर मतदाता बाहुल्य संख्या में है जिसकी वजह से इन्हीं जाति को ध्यान में रखकर यहां की राजनीति होती है।

विस्तार

बिहार विधानसभा उपचुनाव का मंगलवार को परिणाम आ गया। दरभंगा की चर्चित सीट कुशेश्वरस्थान फिर एक बार जेडीयू के खाते में चली गई। इस सीट पर जेडीयू प्रत्याशी अमन भूषण हजारी ने आरजेडी उम्मीदवार गणेश भारती को 12698 वोट से हरा दिया। लेकिन आपको बता दें कि इस जीत के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है।

पंचायत चुनाव में हार गए लेकिन विधानसभा उपचुनाव में दी शिकस्त
जेडीयू के प्रत्याशी और इस विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले अमन भूषण हजारी केवल मैट्रिक तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत पंचायत चुनाव से की थी। वर्ष 2016 के पंचायत चुनाव में अमन भूषण हजारी ने पंचायत समिति के पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे थे। लेकिन आरजेडी के उम्मीदवार गणेश भारती ने उस समय अमन भूषण हजारी को करारी शिकस्त दे दी थी। लेकिन इस बार अमन भूषण हजारी ने कुशेश्वरस्थान की सीट जीतकर पांच साल पुराना बदला ले लिया। 

अमन भूषण हजारी सिर्फ मैट्रिक पास
चुनाव लड़ने से पहले अमन भूषण हजारी ने जो हलफनामा दिया है उसके अनुसार वे 26 साल के हैं और वे सिर्फ मैट्रिक पास हैं।  वर्ष 2015 में उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। अमन भूषण हजारी की घोषित संपत्ति की बात करें तो आवासीय मकान, कृषि भूमि के साथ-साथ उनके पास एक स्कॉर्पियो और तीन मोटरसाइकिल है।
पिता शशिभूषण हजारी के निधन के बाद उपचुनाव
इससे पहले अमन हजारी के पिता शशि भूषण हजारी यहां से एमएलए थे। उनके निधन के कारण ही यहां उपचुनाव करवाना पड़ा। पहले अमन भूषण की मां को टिकट देने की बात चल रही थी लेकिन कुछ दिनों बाद उनका भी निधन हो गया जिस कारण अमन भूषण हजारी को जेडीयू ने अपना प्रत्याशी बनाया। कुशेश्वरस्थान विधानसभा में यादव, मुस्लिम, कुर्मी और मुसहर मतदाता बाहुल्य संख्या में है जिसकी वजह से इन्हीं जाति को ध्यान में रखकर यहां की राजनीति होती है।



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